9 अगस्त अभी ही बीता है, 15 अगस्त भी आने वाला है। ये दो तारीखें भारत के स्वतन्त्रता इतिहास और लोकतन्त्र की लड़ाई के लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। 8 अगस्त को चीन में विश्व के सबसे खेल आयोजन ओलम्पिक का उद्घाटन समारोह हुआ। समूचे विश्व के प्रमुख देशों के ... आगे पढ़ें...
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धर्मनिरपेक्ष भांड-गवैयों की स्वयंभू मालकिन महारानी सोनिया गाँधी ने राजनाथ सिंह से फ़ोन पर जम्मू समस्या सुलझाने के लिये मदद हेतु बात की। सोनिया जी ने फ़रमाया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होना चाहिये… अहा !! कितने उच्च विचार हैं, बिलकुल छँटे हुए ... आगे पढ़ें...
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गत दिनों लोकसभा में जो घमासान और राजनैतिक नौटंकी हुई उसका नतीजा लगभग यही अपेक्षित ही था। अन्तर सिर्फ़ यह आया कि सपा-बसपा सांसदों के बीच मारपीट की आशंका गलत साबित हुई, लेकिन भाजपा ने जो तथाकथित सनसनीखेज(???) खुलासा किया, वह जरूर एक नया ड्रामा था, लेकिन तेजी ... आगे पढ़ें...
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(भाग-1 कलाम और काकोड़कर चुनाव नहीं लड़ते इसलिये सच बोल रहे हैं… से आगे…)जिस प्रकार राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता, अन्तर्राष्ट्रीय कूटनीति में भी ऐसा ही होता है। अमेरिका ने आज ईराक को कब्जे में किया है कल को वह ईरान पर भी हमला बोल सकता है। ... आगे पढ़ें...
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सो, जब अगली बार कोई सेकुलर प्रगतिशील व्यक्ति आपसे पूछे कि भारत में इतनी गरीबी क्यों है? तब यह लेख उसके मुँह पर मारिये और बताइये कि क्योंकि हम भारतवासियों को कश्मीर नाम का नासूर पालने का शौक है, और हम कश्मीरी मुसलमानों को हर हालत में खुश देखना चाहते हैं ... आगे पढ़ें...
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(भाग-1 : कश्मीर - नेहरु परिवार द्वारा भारत की छाती पर रखा बोझ… http://sureshchiplun... आगे पढ़ें...
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अक्टूबर 2002 में जिस वक्त पीडीपी-कांग्रेस की मिलीजुली सरकार कश्मीर में बनने वाली थी और सौदेबाजी जोरों पर थी, उस वक्त वहाँ के एक नेता ने कहा था कि मुफ़्ती साहब को कांग्रेस के बाद सत्ता का आधा हिस्सा लेना चाहिये, उसके पीछे उनका तर्क था कि तब हम लोग (यानी ... आगे पढ़ें...
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अभी हाल ही में उज्जैन में देश की दो सर्वोच्च हस्तियाँ आईं (वैसे सर्वोच्च तो एक ही थी)। पहले आईं सोनिया गाँधी और उसके कुछ ही दिन बाद आईं राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल। जब से सुरेश पचौरी मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं वे लगातार इस कोशिश में थे ... आगे पढ़ें...
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लगभग रोज ही किसी न किसी चैनल पर एक खबर अवश्य होती है कि दिल्ली, मुम्बई, चंडीगढ़, गुड़गाँव, पुणे, हैदराबाद आदि महानगरों में किसी कार ने फ़ुटपाथ पर सोये लोगों को कुचल दिया, किसी बाइक सवार ने किसी बूढ़े की जान ले ली आदि-आदि। हम धीरे-धीरे इन खबरों के भी आदी(?) ... आगे पढ़ें...
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जून के महीने में अखबार पढ़ना एक बेहद त्रासदायक और संतापदायक काम होता है, आप सोचेंगे ऐसा क्यों? असल में मई के आखिरी सप्ताह या जून के पहले सप्ताह देश में रिजल्ट का मौसम होता है। दसवीं, बारहवीं, पीईटी, पीएमटी, आईआईटी-जेईई, और भी न जाने क्या-क्या लगातार रिजल्ट ... आगे पढ़ें...
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कुछ दिनों पूर्व तमिलनाडु मुस्लिम मुनेत्र कड़गम (TTMK) (नाम सुना है कभी???) के एक नेता एम एच जवाहिरुल्ला ने एक जनसभा में फ़रमाया कि औरंगजेब के खिलाफ़ सबसे बड़ा आरोप है कि उसने काशी विश्वनाथ का मन्दिर ध्वस्त किया था, हालांकि यह सच है, लेकिन उसने ऐसा क्यों किया ... आगे पढ़ें...
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अब चूँकि अमेरिका की लाख कोशिशों के बावजूद भारत-पाकिस्तान दोनो के पास परमाणु मिसाईल तकनीक मौजूद है, ऐसे में यदि भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड जाये तो क्या मंज़र होगा इसका अध्ययन किया गया, और चूंकि अध्ययन एक अमेरिकी एजेन्सी ने किया है, इसलिये वह ... आगे पढ़ें...
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काफ़ी वर्षों के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 20000 क्लर्कों की भर्ती के लिये विज्ञापन जारी किया है, जिसे भरने की आखिरी तारीख 31 मई है। इस बात में दो राय नहीं हो सकती कि एसबीआई इस समय मानव संसाधन की कमी की समस्या से जूझ रही है। चूंकि काफ़ी वर्षों तक कोई ... आगे पढ़ें...
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रेडियो का नाम आते ही एक रोमांटिक सा अहसास मन पर तारी हो जाता है, रेडियो से मेरे जुड़ाव की याद मुझे बहुत दूर यानी बचपन तक ले जाती है। आज भी मुझे अच्छी तरह से याद है कि सन 1975 में जब हमारा परिवार सीधी (मप्र में रीवा/चुरहट से आगे स्थित) में रहता था और मैं ... आगे पढ़ें...
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एक प्रोमो से हाल ही में पाला पड़ा और मेरे ज्ञान में वृद्धि हुई कि मल्लिका शेरावत के मर्द संस्करण, ऐश्वर्या राय जैसी सुन्दरी को सरेआम चाँटा जमाने / गरियाने वाले, स्वाद और शौक के लिये काले हिरण का शिकार करने फ़िर विश्नोईयों द्वारा अदालत में नाक रगड़ दिये जाने ... आगे पढ़ें...
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