इतिहास में पहली बार हमें ओलम्पिक में दो-चार पदक मिले हैं, जिसमें एक स्वर्ण भी है। निश्चित ही इस उपलब्धि पर समूचे देश को गर्व है। स्वर्ण पदक भले ही अभिनव बिन्द्रा ने अपने एकल प्रयासों से और पिता द्वारा हासिल आर्थिक सम्पन्नता के कारण हासिल किया हो, लेकिन ... आगे पढ़ें...
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9 अगस्त अभी ही बीता है, 15 अगस्त भी आने वाला है। ये दो तारीखें भारत के स्वतन्त्रता इतिहास और लोकतन्त्र की लड़ाई के लिये बहुत महत्वपूर्ण हैं। 8 अगस्त को चीन में विश्व के सबसे खेल आयोजन ओलम्पिक का उद्घाटन समारोह हुआ। समूचे विश्व के प्रमुख देशों के ... आगे पढ़ें...
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धर्मनिरपेक्ष भांड-गवैयों की स्वयंभू मालकिन महारानी सोनिया गाँधी ने राजनाथ सिंह से फ़ोन पर जम्मू समस्या सुलझाने के लिये मदद हेतु बात की। सोनिया जी ने फ़रमाया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होना चाहिये… अहा !! कितने उच्च विचार हैं, बिलकुल छँटे हुए ... आगे पढ़ें...
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भारत में बम विस्फ़ोटों का सिलसिला लगातार जारी है… नेताओं का अनर्गल प्रलाप और खानापूर्ति (यह पोस्ट पढ़ें http://sureshchiplun... आगे पढ़ें...
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गत दिनों लोकसभा में जो घमासान और राजनैतिक नौटंकी हुई उसका नतीजा लगभग यही अपेक्षित ही था। अन्तर सिर्फ़ यह आया कि सपा-बसपा सांसदों के बीच मारपीट की आशंका गलत साबित हुई, लेकिन भाजपा ने जो तथाकथित सनसनीखेज(???) खुलासा किया, वह जरूर एक नया ड्रामा था, लेकिन तेजी ... आगे पढ़ें...
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सारे देश में एक अ-मुद्दे पर बहस चल रही है, जबकि मुद्दा होना चाहिये था भारत की ऊर्जा जरूरतें कैसे पूरी हों?, लेकिन यही भारतीय राजनीति और समाज का चरित्र है। इस वक्त हम विश्लेषण करते हैं भारत की अन्दरूनी राजनीति और उठापटक का… कहते हैं कि भारत में बच्चा भी ... आगे पढ़ें...
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(भाग-1 कलाम और काकोड़कर चुनाव नहीं लड़ते इसलिये सच बोल रहे हैं… से आगे…)जिस प्रकार राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता, अन्तर्राष्ट्रीय कूटनीति में भी ऐसा ही होता है। अमेरिका ने आज ईराक को कब्जे में किया है कल को वह ईरान पर भी हमला बोल सकता है। ... आगे पढ़ें...
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Nuclear Deal India America IAEA समूचे देश में इस समय परमाणु करार को लेकर बेकरार और तकरार जारी है, यहाँ तक कि निठल्ला चिंतन भी कई लोग एक साथ कर रहे हैं। जहाँ एक ओर वामपंथी अपने पुरातनपंथी विचारों से चिपके हुए हैं और चार साल तक मजे लूटने के बाद अचानक इस ... आगे पढ़ें...
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सो, जब अगली बार कोई सेकुलर प्रगतिशील व्यक्ति आपसे पूछे कि भारत में इतनी गरीबी क्यों है? तब यह लेख उसके मुँह पर मारिये और बताइये कि क्योंकि हम भारतवासियों को कश्मीर नाम का नासूर पालने का शौक है, और हम कश्मीरी मुसलमानों को हर हालत में खुश देखना चाहते हैं ... आगे पढ़ें...
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(भाग-1 : कश्मीर - नेहरु परिवार द्वारा भारत की छाती पर रखा बोझ… http://sureshchiplun... आगे पढ़ें...
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अक्टूबर 2002 में जिस वक्त पीडीपी-कांग्रेस की मिलीजुली सरकार कश्मीर में बनने वाली थी और सौदेबाजी जोरों पर थी, उस वक्त वहाँ के एक नेता ने कहा था कि मुफ़्ती साहब को कांग्रेस के बाद सत्ता का आधा हिस्सा लेना चाहिये, उसके पीछे उनका तर्क था कि तब हम लोग (यानी ... आगे पढ़ें...
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Human Body Organ Smugglingगत कुछ वर्षों मे हमारे भारत में कुछ वीभत्स प्रकार के अपराध सामने आये हैं, जिसमें सबसे प्रमुख है निठारी काण्ड जिसमें अपराधियों ने बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के बाद उनके अंग (विशेषकर किडनी) निकाल लिये। दूसरा केस डॉ अमित का ... आगे पढ़ें...
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अभी हाल ही में उज्जैन में देश की दो सर्वोच्च हस्तियाँ आईं (वैसे सर्वोच्च तो एक ही थी)। पहले आईं सोनिया गाँधी और उसके कुछ ही दिन बाद आईं राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल। जब से सुरेश पचौरी मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं वे लगातार इस कोशिश में थे ... आगे पढ़ें...
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लगभग रोज ही किसी न किसी चैनल पर एक खबर अवश्य होती है कि दिल्ली, मुम्बई, चंडीगढ़, गुड़गाँव, पुणे, हैदराबाद आदि महानगरों में किसी कार ने फ़ुटपाथ पर सोये लोगों को कुचल दिया, किसी बाइक सवार ने किसी बूढ़े की जान ले ली आदि-आदि। हम धीरे-धीरे इन खबरों के भी आदी(?) ... आगे पढ़ें...
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जून के महीने में अखबार पढ़ना एक बेहद त्रासदायक और संतापदायक काम होता है, आप सोचेंगे ऐसा क्यों? असल में मई के आखिरी सप्ताह या जून के पहले सप्ताह देश में रिजल्ट का मौसम होता है। दसवीं, बारहवीं, पीईटी, पीएमटी, आईआईटी-जेईई, और भी न जाने क्या-क्या लगातार रिजल्ट ... आगे पढ़ें...
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