भारत में फ़लज्योतिष का इतिहास बहुत पुराना है, सदियों से ज्योतिषी विभिन्न तरीकों (ग्रहों की गणना, नाड़ी, ताड़पत्र आदि) से भविष्यवाणियाँ करके अपनी आजीविका चलाते रहे। लेकिन जैसे-जैसे शिक्षा का प्रसार हुआ और विज्ञान ने आम जनजीवन के दिमागों में ज्योति फ़ैलाने की ...
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