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7 मई, 2008


ब्लॉग्स (2)
ऐसा लगता है कि अब यह मान लिया गया है कि नैतिक शिक्षा की बात करना दकियानूसी है और सार्वजनिक स्त्री-पुरुष सम्बन्धों में नैतिकता की बात करना बेवकूफ़ी। सरकारों की सोच है कि समाज को खुला छोड़ देना चाहिये और उस पर कोई बन्धन लागू नहीं करना चाहिये, ठीक वैसे ही जैसा ... आगे पढ़ें...

कमाल है, फ़ेंग शुई के बारे में नहीं जानते? सामने वाले का मतलब यह होता है कि तुम्हारा जीवन तो व्यर्थ हो गया। वैश्वीकरण की आँधी में सिर्फ़ वस्तुओं का आयात-निर्यात नहीं हुआ है, बल्कि उनसे जुड़ी संस्कृति, कल्पनायें और तकनीक भी आयात हुई है, वरना जब तक उस वस्तु का ... आगे पढ़ें...